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আত্মা ও মৃত্যু। মৃত্যুর পরে কি হয় ও আত্মার শান্তির জন্য কি করতে হয় ? আত্মার সাথে কি ভাবে যোগাযোগ করবেন ? পুনর্জন্মের বৃত্তান্ত -আত্মা ও গর্ভাধান ,পূর্বজন্মের কথা /বৃত্তান্ত কি ভাবে জানবেন ?

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                       জীবের অন্তিম প্রার্থনা আমার সাধ যে মিটিল, আশা যে পুরিল, শেষে সকলই হারাইয়া গেল, নাথ। জনমের শোধে ডাকি যে তোমারে, কোলে তুলে নিতে তুমি এসো, নাথ। এই দুঃখসাগরে কেউ ভাল বাসিতে জানে না, এই দুঃখসাগরে কেউ ভাল তো বাসে না। যেথা আছে শুধু ভালবাসাবাসি, সেথায় যেতে চায় এই  মন, নাথ। বড় দাগা পেয়ে বাসনা ত্যাগেছি, বড় জ্বালা সয়ে কামনা ভুলেছি। অনেক কেঁদেছি-আর কাঁদিতে পারি না, বুক ফেটে যায়, হে নাথ। কোলে তুলে নিতে তুমি এসো, নাথ। (নাথ অর্থঃ  শ্রী জগন্নাথ)                      জীবনের পরম সত্য। শরীর তো শুধু একটি বস্ত্র-মাত্র, যা সময় হলে হয়  পরিবর্তিত । যে বোঝে এই পরম তত্ত্ব, সে-ই জয় করতে পারে জীবন যুদ্ধ। ★ দেহঃ আত্মনঃ শরীরম্ একম্ অদ্বিতীয়ম্ অনুপমং যন্ত্র। যস্য অনুরক্ষণপোষণম্ একমেব মন্ত্রঃ। এতদচলে সতি আত্মা করোতি এতস্য বর্জনম্। তস্মাৎ শরীরাত্মনোঃ উভয়োঃ ধ্যানম্ আবশ্যকম্॥ 💧 देहात्मविवेकः आत्मा प्राणस्वरूपोऽयं तेजोरूपः सनातनः। जीवानां प्रेरकः शक्तिः दे...

सूर्यवंश और चंद्रवंश , - সূর্য বংশ ও চন্দ্র বংশের ইতিহাস।

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सूर्यवंश और चंद्रवंश  हिंदू पुराणों और इतिहासनुसार सूर्यवंश और चंद्रवंश दो प्रमुख राजवंश माने जाते हैं। इन दोनों वंशों से अनेक महान राजा, ऋषि और अवतारी पुरुष उत्पन्न हुए, जिन्होंने धर्म, सत्य और राज्यव्यवस्था की प्रतिष्ठा की। सूर्यवंश सूर्यवंश का उद्गम सूर्यदेव (विवस्वान) से माना जाता है। सूर्यदेव और संज्ञा के पुत्र वैवस्वत मनु इस वंश के मूल पुरुष हैं। मनु के पुत्र इक्ष्वाकु से इक्ष्वाकु वंश का प्रारंभ हुआ, जिसे आगे चलकर रघुवंश के नाम से भी जाना गया। प्रमुख राजा एवं महापुरुष: हरिश्चंद्र, सगर, भगीरथ, रघु, दशरथ, तथा भगवान श्रीराम राजधानी: अयोध्या सूर्यवंश को सत्य, मर्यादा और धर्मपालन का प्रतीक माना जाता है। चंद्रवंश चंद्रवंश का प्रारंभ चंद्रदेव (सोम) से माना जाता है। ऋषि अत्रि और माता अनसूया के पुत्र चंद्र से बुध उत्पन्न हुए। बुध और इला से पुरुरवा का जन्म हुआ, जिनसे चंद्रवंश का विस्तार हुआ। इस वंश की अनेक शाखाएँ विकसित हुईं, जिनमें यदुवंश और पुरुवंश प्रमुख हैं। प्रमुख राजा एवं महापुरुष: ययाति, पुरु, यदु तथा भगवान श्रीकृष्ण चंद्रवंश का विस्तार सूर्यवंश की तुलना में अधिक व्यापक माना जा...